महामारी: बीच-बीच में विपदा की मार सहती रही है दुनिया

कोरोना वायरस पूरे विश्व में सबसे बड़ी महामारी के रूप में सामने आ गयी है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद इसके अब तक की सबसे बड़ी विपदा बतायी जा रही है। लोगों की सेहत के साथ ग्लोबल स्तर पर आर्थिक सूरत भी पूरे विश्व की बदसूरत होने की आशंका बतायी जा रही है। सबसे बड़ी चिंता की बात है कि किसी को भी इसका अंदाजा नहीं है कि कोरोना वायरस का यह प्रकोप कब तक चलेगा। चीन ने इस बीमारी पर काबू पाने का संकेत जरूर दिया है लेकिन दूसरे देशों में इसका खतरनाक प्रसार हो गया है। ईटली में चीन से अधिक मरीजों की मौत हो गयी है। भारत में भी बीमारी के खतरनाक स्तर तक पहुंचने की आशंका बतायी जा रही है। हाल में सोशल मीडिया में आयी एक वायरल पोसट में दावा भी किया गया कि हर सौ साल पर विश्व एक महामारी का सामना करना पड़ता रहा है। हर महामारी का सबसे खतरनाक पक्ष रहा है कि इसपर काबू पाने से पहले हजारों-लाखों लोगों की जान लेकर ही नियंत्रण में आता है। कुछ बीमारियों में तो इसपर काबू पाने में सालों लगे।  इन्हीं खतरों के बीच जानते हैं कि आज  तक पूरे विश्व में आयी महामारी और उसका असर-

-1918 में फैले ‘स्पेनिश फ्लू’ को इतिहास की सबसे घातक महामारी माना जाता है और इससे 5-10 करोड़ लोगों की मौत हुई थी।

-2009 -ए/एच1एन1 महामारीएच1एन1 (H1N1) काेरोन वायरस से पहले अंतिम महामारी थी। इसमें भी पूरे विश्व में हजारों लोगों की माैत हुई

– प्लेग महामारी’ से मरे 1.5 करोड़ लोग1855 में फैली ‘तीसरी प्लेग महामारी’ दुनिया के इतिहास की पांचवीं सबसे घातक बीमारी साबित हुई है।

-‘द ब्लैक डेथ’ से दो करोड़ लोगों की मौत हुई थी। 14वीं सदी में फैली ‘द ब्लैक डेथ’ महामारी से केवल यूरापे में दो करोड़ लोगों की मौत हुई थी।

इसके अलावा भारत ने हाल के सालों में प्लेग जैसी महामारी देखी है 

1994 में गुजरात में इस बीमारी ने कहर बरपाया था। . आजादी के बाद इसे दूसरा सबसे बड़ा पलायन कहा गया. पूरा सूरत खाली हो गया था। 4 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ। हजारें जाने प्रभावित हुई।

1940 में आयी इस बीमारी से तब पूरे देश में हजारों लोग मरे। लगभग चालीस साल बाद इस बीमारी पर काबू पाया गया

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