थोक सब्जी मंडियां कोरोना के नए हॉटस्पॉट के रुप में सामने आ रहे हैं

हालांकि संक्रमण फैलाने के मामले में कोयमबेडू बाजार अव्वल है, मगर देश भर के थोक सब्जी बाजार कोविड -19 हॉटस्पॉट के रूप में उभरे हैं

थोक सब्जी मंडियां देश भर में कोरोना के दो नए बड़े हॉटस्पॉट सामने आ रहे हैं।

चेन्नई के कोयमबेडू बाजार में कोविड-19 संक्रमण के कई नए मामले मिले हैं। यहां रोजाना हजारों लोग सब्जियां, फल और फूल खरीदने के लिए जाया करते हैं।

295 एकड़ में चेन्नई का ये बाजार फैला हुआ है जहां करीब तीन हजार दुकानें हैं।

तमिलनाडु में अब तक लगभग तीन हज़ार कोविड -19 मामलों को इस बाज़ार से जोड़ कर देखा जा रहा है और अब इसका प्रभाव पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में भी दिखाई दे रहा है।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक चार मई को 527 कोरोना संक्रमित मिले थे जिसमें से ज्यादातर इसी बाजार के थे। अधिकारियों की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक राज्य के 450 कोरोना संक्रमित मरीज इसी इलाके से जुड़े मिले।

चेन्नई ने 1 अप्रैल तक केवल 26 कोरोनावायरस मामलों की सूचना दी थी। 14 अप्रैल तक मामलों की संख्या 219 थी, लेकिन 12 मई तक, संक्रमण तेजी से बढ़ गया और राज्य में कुल संक्रमित लोगों की संख्या 4,882 तक पहुँच गई। कोयमबेडू बाजार क्लस्टर के कारण संक्रमण अरियालुर और पेरंबलूर सहित कई अन्य जिलों में तेजी से फैल रहा है।

हालांकि संक्रमण फैलाने के मामले में कोयमबेडू बाजार अव्वल है, मगर देश भर के थोक सब्जी बाजार कोविड -19 हॉटस्पॉट के रूप में उभरे हैं। इसकी एक बड़ी वज़ह ये है कि सब्जी मंडियां आवश्यक सेवाओं के अंतर्गत आता है और वे लॉक डाउन में भी सामान्य रूप से अपना काम कर रही है।

भारी भीड़ ऐसे थोक बाजारों का एक अहम् हिस्सा होती है और ये भीड़ कोरोना संक्रमण के मामले को गंभीर बना रही है। लॉकडाउन के नियम, विशेष रूप से सोशल डिस्टन्सिंग से संबंधित नियमों का पालन बाज़ार खुलने के बाद के कुछ शुरआती घंटों में नहीं हो पाता है। ये समय नीलामी का समय होता है और इस समय किसानों, मजदूरों, थोक विक्रेताओं, बिचौलियों, व्यापारियों की भारी भीड़ जुट जाती है। वे अक्सर मास्क का प्रयोग नहीं करते हैं और अन्य आवश्यक सावधानियों का पालन भी नहीं करते हैं।

गाजीपुर मंडी का ही मामला ले लीजिए। ये एनसीआर का फल और सब्जी दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार है।

कोरोनवायरस के संक्रमण को रोकने के लिए इसे कुछ दिनों तक बंद रखा गया था। इसे दुबारा 16 मई को फिर से खोला गया। बाज़ार खुलने के बाद कृषि उत्पादन बाजार समिति (एपीएमसी) के दो अधिकारियों को कोरोना से संक्रमित पाया गया।

कोविड -19 को रोकने में अधिकारिओं को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है ये दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी जाने के बाद पता चलता है।

15 मई तक ये बाजार कम से कम 33 कोरोनोवायरस मामलों के लिए जिम्मेदार थ। मगर ये बाज़ार सामान्य दिनों की तरह काम करता रहा क्योंकि ये कई राज्यों के लिए आवश्यक आपूर्ति का केंद्र है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,हरियाणा के फरीदाबाद में पुलिस ने इस बाजार में आने-जाने वालों पर नज़र रखना शुरू कर दिया है।अधिकारियों ने पाया है कि 13 मई को शहर में रिपोर्ट किए गए 11 कोरोना पॉजिटिव मामलों में से छह ऐसे व्यक्ति के संपर्क में थे,जिन्होंने आजादपुर मंडी गए थे।

अधिकारी इन बाजारों को बंद नहीं करना चाहते क्यूंकि ये देश भर में आवश्यक आपूर्ति का केंद्र है।साथ ही ये किसानों के लिए लाइफ लाइन का भी काम करता है। यहां तक कि बाजारों को आंशिक रूप से बंद करने से भी देश भर में सब्जी और फल किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है।

Facebook Comments