कोरोना वायरस: एक गलत ‘फॉरवर्ड’ किसी की जान ले सकती है, बच कर रहें

कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में भारत के समक्ष कई बाधाएँ हैं – बड़ी भीड़, कमजोर स्वास्थ्य तंत्र और अपर्याप्त बुनियादी ढाँचा. लेकिन इन सबसे इतर, एक जाना पहचाना शत्रु भी है जो कोरोनाविरुस के खिलाफ लड़ाई को कमजोर कर रहा है: ये है फेक न्यूज़ और गलत सूचना.

सोशल मीडिया पर ऐसी अफवाहें वायरल हो रही हैं जिससे लोग तरह तरह की भ्रांतियां पाल बैठे हैं कि सीओवीआईडी ​​-19 अमुक चीजों से होता है, और कुछ ख़ास उपायों को अपना कर इससे बचा जा सकता है. अक्सर, ऐसी सलाह डॉक्टर्स नहीं देते हैं. वो देते हैं जिन्हें अक्सर ऐसे मौकों पर डॉक्टर बनने का शौक पैदा हो जाता है.

पहले आसान था ऐसे एक्सपर्ट एडवाइस को नजरअंदाज करना. अब सोशल मीडिया के इस जमाने में बहुत मुश्किल हो गया है इसे रोकना और खुद को इससे बचाना. अच्छे पढ़े लिखे लोग वायरल पोस्ट्स के शिकार बन जाते हैं. और तो और, वे दूसरों के व्हाट्स एप्प बॉक्स में ऐसे संदेशों को ड्रॉप करना भी नहीं भूलते. मतलब, हम तो डूबेंगे ही तुमको भी ले डूबेंगे.

सोशल मीडिया फॉरवर्ड के द्वारा लोगों को बताया जा रहा है कि आइसक्रीम और चिकन जैसे खाद्य पदार्थों  को खाने से आप कोरोना वायरस के शिकार हो सकते हैं. कई ऐसे घरेलु उपचार हैं जिसके बारे में बहुत ही आत्मविश्वास से ये कहा जा रहा है कि इसे अपनाने से कोरोना नामक बीमारी को दूर भगाया जा सकता है.

बात इस हद तक बढ़ गई है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नागरिकों से सीओवीआईडी ​​-19 की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने के लिए कहने के लिए मजबूर होना पड़ा है.

आपको एड्स से जुडी भ्रांतियां तो याद ही होगा? इसे कुछ लोग अंतर्राष्ट्रीय साजिश बता रहे थे.

एक अफवाह तो यूनिसेफ को सोर्स बता कर फैला दी गई और लोगों ने मान भी लिया कि आइस क्रीम और अन्य ठंडे खाद्य पदार्थों को खाने कोरोना वायरस होता है.

यूनिसेफ को सोर्स बता कर हमें कपड़ों की लगातार धुलाई करने के लिए भी कहा गया क्यूंकि कोरोना वायरस जब कपड़े पर गिरता है तो वह नौ घंटे वहां जमा रहता है. ये क्या है? कोरोना बैट्समैन है कि एक बार जम गया तो नौ घंटों तक क्रीज पर टिका रहेगा?

एक अन्य वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के द्वारा हमें बताया गया कि विटामिन सी के सेवन से वायरस का संक्रमण नहीं होता है. और तो और, एक भाई साहब ने तो जांच के लिए वायरस के लिए डू-इट-योरसेल्फ (DIY) किट तक का इजाद कर लिया.

प्यास लगी हो तो पानी तुरंत पियें, क्यूंकि गला सुख गया तो वायरस जरुर हमला करेगा. कुछ मासूम लोगों ने तो जम कर पानी पिया. दूसरों को भी पानी पिलाया.

क्या कर रहे हैं आप? किसकी सलाह मान रहे हैं. पहले ये जांच तो लीजिए कि कौन हैं वो लोग. डॉक्टर के फेसबुक पेज पर जाकर आपने देखा कि वो सच में आपको पानी खूब पीने के लिए कह रहे हैं? यूनिसेफ के साईट पर जाने की जहमत उठाई आपने?

आपके हाथ में स्मार्ट फोन है. इसे अपनी ताकत बनाइए. कमजोरी नहीं. अफवाहों का शिकार मत बनिए. ये जानलेवा भी साबित हो सकता है आपके लिए, और आपके अपनों के लिए भी.

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