कोविड के साइड एफेक्ट, इम्युनिटी बाजार में आया उछाल, डॉक्टरों ने कहा, सतर्क रहें

फुड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड ऑथिरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने एक गाइडलाइंस जारी कर कहा कि जो भी कंपनियां अपने प्रोडक्ट और उसके असर का का दावा कर रही है उसकी पहले जांच करानी होगी। जांच के बाद ही उसे इनका विज्ञापन करने की अनुमति मिलेगी

कोविड का साइड एफेक्ट बाजार में भी दिखने लगा है। जहां आर्थिक मोर्चे पर गहरी मंदी छायी हुई है,वहीं बाजार में कोविड से बचने के लिए इम्युनिटी प्रोडक्ट की मांग इस कदर बढ़ गयी है कि इसके प्रोडक्ट की मांग में एतिहासिक वृद्धि हो गयी है। दरअसल डॉक्टरों ने कहा कि जिसका इम्यून सिस्टम ठीक होगा,वह कोविड की जंग में अधिक सुरक्षित रहेगा।
इसके बाद देशी नुस्खे से लेकर बाजार के प्रोडक्ट तक,ऐसे इम्युनिटी बूस्टर प्रोडक्ट आम लोगों की पहली पसंद के साथ जीवन की जरूरतों का हिस्सा बन गयी है।
सबसे अधिक लाभ अायुर्वेंद उत्पादों को मिला है।  डावर इंडिया लिमिटेड,पतंजलि और हिमालया ड्रंग कंपनियों के पारंपरिक उत्पादों जैसे च्यवनप्राश, काढ़ा, जूस, और गिलोय आदि की बिक्री बहुत बढ़ गई है। नीलसन होल्डिंग पीएलसी की रिपोर्ट के अनुसार च्यवनप्राश की बिक्री जून में 283 फीसदी बढ़ गई तो ब्रैंडेड शहद की बिक्री में 39 फीसदी की तेजी आई। डाबर ने कहा है कि अप्रैल जून में च्यवनप्राश की बिक्री 700 फीसदी बढ़ गई है। नीलसन साउथ एशिया के अनुसार  अगले कुछ महीनों तक मांग में तेजी बनी रहेगी।

वहीं पारले जी बिस्किट ने अप्रैल-मई में रिकॉर्ड बिक्री की है। महामारी के दौरान सरकारों और एनजीओ की ओर से जरूरतमंदों के बीच इसका वितरण किया गया। इसके अलावा लोगों ने घरों में इसे स्टॉक कर लिया। ब्रिटेनिया के बिस्किट और दूसरे उत्पादों की बिक्री भी इसी तरह बढ़ गई है। बीमारी के ठीक बाद इसी तरह सैनिटाइजर और मास्क की डिमांड बहुत बढ़ गयी थी।

सरकार की नजर
जहां इम्नुनिटी बूस्टर प्रोडक्ट की मांग बढ़ी,वहीं एक्सपर्ट ने इस बात पर चिंता जतायी कि लोगों की कम जानकारी का लाभ उठाकर कंपनियां उनके स्वास्थ्य चिंता का गलत लाभ भी उठा सकती है। डॉक्टरों के अनुसार ऐसा नहीं है कि हर कोई ऐसे प्रोडक्ट का उपयोग कर सकता है। सही जानकारी के बाद ही ऐसे प्रोडक्ट का उपयोग किया जाना चाहिए। इस बारे में कई चिंता सामने आने के बाद सरकार ने पहल की और इसपर नजर रखने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये। फुड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड ऑथिरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने एक गाइडलाइंस जारी कर कहा कि जो भी कंपनियां अपने प्रोडक्ट और उसके असर का का दावा कर रही है उसकी पहले जांच करानी होगी। जांच के बाद ही उसे इनका विज्ञापन करने की अनुमति मिलेगी। सूत्रों के अनुसार
सरकार ने ऐसे एक दर्जन भ्रामक प्रोडक्ट का विज्ञापन भी रोका। सूत्रों के अनुसार हाल ही में लांच की गयी च्यवनप्रकाश आईसक्रीम की भी जांच की जा रही है।

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