लाल किले से ,वन नेशन,वन हेल्थ कार्ड का एलान,जानें क्या है यह कार्ड,कैसे मिलेगी सुविधा

पीएम ने अपने भाषण में कहा- "आज से देश में एक और बहुत बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। ये है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन। नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, भारत के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति लेकर आएगा। आपके हर टेस्ट, हर बीमारी, आपको किस डॉक्टर ने कौन सी दवा दी, कब दी, आपकी रिपोर्ट्स क्या थीं, ये सारी जानकारी इसी एक Health ID में समाहित होगी"

कोरोना संकट के बीच जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले से अपना भाषण दिया तो पूरे देश के अपेक्षा थी कि वे स्वास्थ्य के मुद्दों पर विस्तार से बाेलेंगे। और ऐसा हुआ भी। उनके स्पीच में न सिर्फ हेल्थ से जुड़े कई मुद्दों की बात हुई बल्कि कुछ अहम घोषणाएं भी की।

इनमें सबसे अहम था वन नेशन,वन हेल्थ कार्ड का एलान। पीएम नरेन्द्र मोदी ने लाल किले से ‘नैशनल डिजिटल हेल्थ मिशन’ का एलान किया। इसे गरीबों को मिलने वाले मुफ्त इजलाज स्कीम आयुष्मान योजना का अगला कदम माना जा रहा है। पीएम ने अपने भाषण में कहा- “आज से देश में एक और बहुत बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। ये है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन। नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, भारत के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति लेकर आएगा। आपके हर टेस्ट, हर बीमारी, आपको किस डॉक्टर ने कौन सी दवा दी, कब दी, आपकी रिपोर्ट्स क्या थीं, ये सारी जानकारी इसी एक Health ID में समाहित होगी”।

चरणों में इसे लागू किया जाएगा
इस योजना को देश में चरणों में लागू किया जाएगा और उममीद की जा रही है कि 2023 तक सभी को इस सुविधा का लाभ उठाने का विकलप् दे दिया जाएगा। वित्त मंत्रालय ने इस प्रस्तावित योजना के लिए 470 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। हालांकि इस योजना को लेकर प्राइवेसी का मुद्दा फिर उठ सकता है लेकिन सूत्रों के अनुसार इसमें शामिल होना एच्छिक होगा। हर नागरिक को एक यूनिक हेल्थ आईडी दी जाएगी और विकल्प दिया जाएगा कि वो उसे अपने आधार से लिंक करवाए या नहीं। ये आईडी राज्यों, अस्पतालों, पैथालॉजिकल लैब और फार्मा कंपनियों में उपयुक्त होगी। ये आईडी पूरी तरह से स्वैच्छिक तरीके से काम करेगी।
इसके तहत सभी मरीजों का रिकार्ड एक जगह सेंट्रल सिस्टम में दर्ज होगा। इसके तहत किसी व्यक्ति का के हेल्थ आईडी में उसके तमाम स्वास्थ्य रेकॉर्ड्स, इलाज करने वाले डॉक्टर और तमाम दूारी जानकारी रहेगी। हेल्थ रेकॉर्ड संबंधित व्यक्ति की मंजूरी के बाद ही शेयर किया जाएगा। पहला, हेल्थ आईडी, पर्सनल हेल्थ रेकॉर्ड्स, डिजी डॉक्टर और हेल्थ फैसिलिटी रिजस्ट्री होगी। बाद में इस योजना में ई-फार्मेसी और टेलीमेडिसिन सेवा को भी शामिल किया जाएगा।

इस कार्ड से जुड़ा होगा-
-हेल्थ आईडी
-पर्सनल हेल्थ केयर रेकॉर्ड
-डिजी डॉक्टर
-हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री
-टेलिमेडिसिन
-ई-फार्मेसी

इस तरह मिलेगी सुविधा
– नेशनल डिजिटल हेल्थ्य मिशन के अंतर्गत सभी डॉक्टर चाहे सरकारी हो या निजी,उनकी जानकारी एक ऐप पर उपलब्ध रहेगी
-इस एप का डाउनलोड कर लोग इसमें रजिस्टर कर सकते हैं। जिसके बाद सभी को हेल्थ आईडी मिलेगा।
– इससे होने वाले ट्रिटमेंट और टेस्ट की पूरी जानकारी डिजिटली सेव करनी होगी ताकि इसका रिकॉर्ड रखा जा सकेगा।
– जब आप किसी भी अस्पताल या डॉक्टर के पास इलाज कराने जाएंगे तो साथ में आपको सारे पर्चे और टेस्ट रिपोर्ट नहीं ले जानी पड़ेगी और इससे जुड़ा रिकार्ड कहीं भी ऑनलाइन देखा जा सकता है।
-इससे मरीजों को कहीं भी डॉक्टर को अधिक बताने की जरूरत नहीं होगी और उसके पास मरीज का पूरा स्वास्थ्य रिकार्ड होगा जिसे त्वरित और सही दिशा में इलाज मुमकिन हो सकेगा

स्वास्थ्य मंत्री ने किया स्वागत
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लेकर आएगा। स्वास्थ्य संबंधित एवं इससे जुड़ी सभी सूचनाएं एक क्लिक से प्राप्त किया जा सकेगा। इससे स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। प्रत्येक देशवासियों का एक यूनीक आईडेंटिफिकेशन नंबर होगा। इसके माध्यम से पूरा मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री चौबे ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधित सभी रिकॉर्ड जांच केंद्र एवं स्वास्थ्य सेवा संबंधित सूचनाएं डिजिटल प्लेटफार्म पर आने से चिकित्सीय परामर्श एवं इलाज में काफी आसानी होगी। इसका लाभ लोगों को मिलेगा। डॉक्टरों के पास इलाज एवं परामर्श के लिए मोटी फाइल ले जाने जैसी समस्याओं का समाधान होगा। सभी सुविधाएं डिजिटल होने से दूरदराज के इलाकों में बेहतर एवं किफायती चिकित्सीय सुविधा पहुंचेगी।

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