सिर्फ थाली बजाकर नहीं, इन्हें दिल से सम्मान करने की जरूरत है

मिसाल 1: एक प्राइवेट एयरलाइंस की कर्मचारी पिछले हफ्ते जब तनाव भरी ड्यूटी कर देर रात उत्तर प्रदेश के नाेएडा स्थित अपने अपार्टमेंट आई तो उन्हें वहां गार्ड ने रोक दिया. कहा कि सोसादटी वालों ने कहा है कि अभी वह कुछ दिन अपने घर नहीं आए. वह उस अपार्टमेंट में किराया लेकर रहती है.

मिसाल 2: दिल्ली के एम्स में काम करने वाले डॉक्टर जब ड्यूटी करने के बाद अपने घर लौट रहे हैं तो उन्हें उनके सोसाइटी वाले इलाके से जाने का दबाव बना रहे हैं. वे इसके लिए धमकी तक दे रहे हैं.

मिसाल 3: वसुंधरा,गाजियाबाद में एक हॉकर सुबह में लोगों को अखबार पहुंचाने के लिए निकालता है. पहले उसे पुलिस परेशान करता है फिर जब सोसाइटी पहुंचता है तो उसे अखबार देने से मना कर दिया जाता है।

ये तीनों मिसाल 22 मार्च रविवार के बाद की है जिस दिन पूरा देश शाम पांच बजे को उन लोगों के सम्मान में उत्सव की तरह थाली पीटी थी,ताली बजायी थी तो महामारी के कठिन समय में भी अपनी सेवा दे रहे हैं. लेकिन उसी समाज का यह बदसूरत चेहरा है तो दूसरी कड़वी और काली हकीकत को भी सामने ला रहा है.

इसके बाद सवाल उठ रहे हैं. कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों की जान बचाने वाले, और विदेश से भारतीयों को मंगलवार को आल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस (एम्स) के डॉक्टरों ने गृह मंत्री को पत्र लिखा है कि दिल्ली के मकान मालिक डॉक्टर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ को मकान खाली करने के लिए कह रहे हैं.

वज़ह? क्यूंकि ये लोग कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं. लोगों की जान बचा रहे हैं. मगर, मकान मालिकों को इन्फेक्शन का खतरा है. डर है कि डॉक्टरों की वज़ह से उन्हें इन्फेक्शन हो जाएगा.

डॉक्टर्स ने जो गृह मंत्री को लिखा है वो वाकई चिंताजनक है. उनके अनुसार, कई डॉक्टरों का हाउसिंग सोसाइटी के अन्दर बहिष्कार किया जा रहा है. कुछ डॉक्टरों को घर खाली करने के लिए मजबूर होना पड़ा है. कुछ डॉक्टरों के साथ बदसलूकी भी की गई है. उन्हें धमकी दी गई है कि यदि वो मकान खाली नहीं करते हैं तो उउन्हें बुरा परिणाम भुगतना पड़ेगा। हालात यहाँ तक आ पहुंची है कि कुछ डॉक्टर्स अब सड़क पर आ गए हैं और उनके पास जाने के लिए कोई घर नहीं है। कई एयरलाइन स्टाफ ने भी शिकायत की है कि कोरोना प्रभावित देशों से लौटने की बाद उनके साथ बदसलूकी की जा रही है। एयर इंडिया ने बयान जारी कर सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की।


नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने इस पर खेद जताते हुए कहा है कि वायरस की रोकथाम करने, उसे भारत में फैलने, उससे भारतीयों को बचाने में एयरलाइन्स स्टाफ ने सबसे अहम् भूमिका निभाई है. उन्होंने दुनिया भर के देशों से भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया है. इसलिए, ताकि देश में उनके साथ बदसलूकी हो?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा है कि प्रधानमंत्री के कहने पर लोगों ने डॉक्टर्स और तमाम मेडिकल स्टाफ के समर्थन में तालियाँ बाई. और हम अब ये शिकायत सुन रहे हैं कि डॉक्टर्स को ही घर खाली करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसके बाद हालांकि मंगलवार को होम मिनिस्टर अमित शाह ने खुद डॉक्टरों से बात कर भरोसा दिलाया कि उन्हें पूरा सम्मान मिलेगा

इस बीच एम्स से खबर आ रही है कि एम्स के डॉक्टरों द्वारा मेडिकल स्टाफ के लिए प्रोटेक्शन गियर खरीदने के लिए अपील जारी करने के बाद समर्थन मिलना शुरू हो गया है. कई लोग, कंपनियां और संगठनों ने अपना समर्थन देने की घोषणा की है. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत डायनामिक्स ने प्रोटेक्शन गियर बनाने, फण्ड जुटाने में मदद की पेशकश की है. भारत डायनामिक्स ने पचास लाख रूपया और POSCO इंडिया लिमिटेड ने दस लुख रुपए का योगदान दिया है ताकि एम्स प्रोटेक्शन गियर खरीद सके.

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