कोविड-19 के सामुदायिक प्रसार का अनुमान लगाने के लिए आसीएमआर 10 शहरों में करवाएगी ‘सेरोसर्वे’

‘सेरो-सर्वे’ में जिला स्तर पर सार्स-सीओवी2 के प्रसार पर नजर रखने के लिए लोगों के रक्त में से सीरम की जांच की जाती है।

कोरोना वायरस के सामुदायिक प्रसार की व्यापकता का अनुमान लगाने के लिए कोविड-19 से सबसे अधिक प्रभावित शहरों की सूची के शीर्ष 10 शहरों में ‘सेरोसर्वे’ किया जाएगा।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और अन्य एजेंसियों के शोधकर्ताओं द्वारा तैयार किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार 21 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के 60 जिलों में प्रति एक लाख की आबादी पर सामने आए मामलों के तहत चार स्तर – शून्य, निम्न, मध्यम और उच्च के आधार पर यह सर्वेक्षण किया जाएगा।

‘इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च’ (आईजेएमआर) में समुदाय-आधारित निगरानी के इन दिशा-निर्देशों को रविवार को प्रकाशित किया गया। इन दिशा-निर्देशों को‘ भारत में सार्स-सीओवी-2 संक्रमण प्रसार की प्रवृत्ति की निगरानी करने के लिए राष्ट्रीय सीरो-निगरानी: समुदाय-आधारित निगरानी के दिशा-निर्देश’ शीर्षक से प्रकाशित किया गया।

कोविड-19 के सबसे अधिक मामलों के आधार पर सूची के शीर्ष 10 शहर मुम्बई, दिल्ली, पुणे, अहमदाबाद, ठाणे, इंदौर, जयपुर,चेन्नई और सूरत हैं। आईसीएमआर ने एक बयान में कहा कि घरेलू स्तर के ‘क्रॉस-सेक्शनल’ सर्वेक्षण में 24,000 वयस्कों को शामिल किया जाएगा, जिनमें प्रत्येक स्तर के जिले होंगे, हर स्तर के 15 जिले इसमें होंगे।

‘सेरो-सर्वे’ में जिला स्तर पर सार्स-सीओवी2 के प्रसार पर नजर रखने के लिए लोगों के रक्त में से सीरम की जांच की जाती है।

सामुदायिक संक्रमण के ट्रेंड का पता लगाने के लिए लोगों के खून के सीरम की जांच की जाएगी। हर जिले में 10 क्लस्टर से 400 लोगों के नस से खून का नमूना लिया जाएगा। एक घर से सिर्फ एक व्यक्ति के ही नमूने लिए जाएंगे। सर्वे के नतीजों से आगे की रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। इससे संबंधित जिलों में ज्यादा संक्रमण वाले क्षेत्रों में लॉकडाउन को बनाए रखने को लेकर भी फैसला करने में मदद मिलेगी।

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