मुश्किल वक्त में दिखा दिल्ली का दिल, बन रहे हैं मददगार

दिल्ली दिल वालों की है, ये अक्सर कहा जाता है। अब इस मुश्किल वक्त में भी दिल्ली वाले दिखा रहे हैं कि वह सचमुच दिल वाले हैं। 14 अप्रैल तक देश भर में लॉकडाउन है और दिल्ली में भी लॉकडाइन की वजह से कई लोगों की रोजी रोटी पर असर पड़ा है। ऐसे में दिल्ली वाले जरूरतमंद की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।

फेसबुक फ्रेंड को भेजे पेटीएम से पैसे

साउथ दिल्ली के आयानगर में रहने वाले रोमी भाटी ने फेसबुक पर हिमाचल प्रदेश के रहने वाले सूरज शर्मा की पोस्ट देखी, जिसमें सूरज ने लिखा था कि मेरे घर में सिर्फ दो दिन का राशन है। साथ ही लिखा था कि भूखे मरने से तो अच्छा है कि मैं सुसाइड कर लूं। सूरज उनके फेसबुक फ्रेंड हैं। रोमी ने उनसे बात की और पेटीएम के जरिए 5 हजार रुपये भेजे। रोमी का दिल्ली के आयानगर में एक हॉस्पिटल हैं। सीबीआर हॉस्पिटल 50 बेड का सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल है, जिसमें 60 लोगों का स्टाफ है। रोमी भाटी ने दिल्ली सरकार को पत्र भेजकर यह हॉस्पिटल ऑफर किया है। उन्होंने कहा है कि सरकार इस हॉस्पिटल को फिलहाल टेकओवर कर इसमें आइसोलेशन वॉर्ड बना सकती हैं और वह खुद सारा खर्चा उठाएंगे। रोमी ने इसके अलावा अपने किरायेदारों को भी किराए में छूट दी है। आयानगर में उनकी छह दुकानें हैं। उन्होंने इन किराएदारों को बोला है कि वह लॉकडाउन पीरियड का उनसे किराया नहीं लेंगे। उनके पास एक रेजिडेंशियल कॉम्पलेक्स भी है जिसमें 20 परिवार किराए पर रहते हैं। रोमी ने बताया कि मैंने उन सभी किराएदारों से कहा है कि जब तक उनके पास पैसे नहीं आते तब तक किराया देने की जरूरत नहीं है।

किराया माफ और खाने का भी इंतजाम

बुराड़ी में रहने वाले अनिल कौशिक के पास छह गाड़ियां हैं, जिनका ड्राइवर हर दिन 1 हजार रुपये किराया देते हैं। लेकिन लॉकडाउन की वजह से गाड़ियां चल नहीं पा रही हैं। अनिल ने इन सभी ड्राइवरों से कहा है कि जब तक सब ठीक नहीं हो जाता तब तक का पैसा वह नहीं लेंगे साथ ही उन्होंने ड्राइवरों को खाने के इंतजाम के लिए भी पैसे दिए हैं। उनकी बुराड़ी में दो दुकान भी किराए में हैं। जिनमें एक से 5000 रुपये और दूसरी से 3500 रुपये प्रति माह किराया आता है। अनिल ने दो महीने के लिए इनका किराया भी माफ कर दिया है। 34 साल के अनिल ने बताया कि उनके दो फ्लैट भी हैं जो किराए पर हैं। दोनों से 6-6 हजार रुपये किराया मिलता है। एक फ्लैट में एक विधवा महिला अपने दो बच्चों के साथ रहती हैं। वह पैकिंग कंपनी में डेली वेजेज पर काम करती हैं लेकिन कंपनी लॉकडाउन की वजह से बंद है। दूसरे फ्लैट में सात स्टूडेंट रहते हैं जिसमें दो छत्तीसगढ़ के और बाकी बिहार के हैं। अनिल ने इनका किराया भी माफ कर दिया है।

जरूरतमंद को भेज रहे हैं खाना

करावल नगर की बिहारीपुर कॉलोनी में रहने वाले गौरव राय जरूरतमंद लोगों के लिए उनके घर पर ही खाने का सामान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया में पोस्ट कर लिखा था कि वह अपने मोहल्ले में किसी को भी भूखा नही रहने देंगे। जिसके बाद से लोग लगातार उनसे संपर्क कर रहे हैं। गौरव ने कहा कि सुबह ही श्रीराम कॉलोनी से फोन आया कि वहां रहने वाले मजदूरों की मदद की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह कॉलोनी मेरे मोहल्ले से काफी दूर है तो मैंने वहां रहने वाले अपने दोस्तों से कहा और फिर उन्होंने उन मजदूरों तक खाने का सामान पहुंचाया। वहां सात परिवार रहते हैं उन सब के  पास 5 किलो चावल, 8 किलो आटा और 2 किलो दाल पहुंचाई गई है। गौरव के ही मोहल्ले में ही एक विधवा महिला अपने दो छोटे बच्चों के साथ रहती हैं। वह किसी टेलर के पास तुरपाई का काम करती थी लेकिन अब दुकानें बंद हैं। गौरव ने उनके घर पर चावल, आटा और दाल पहुंचाई। 

Facebook Comments