लॉकडाउन में घर में बढ़ी इस “बीमारी” पर शर्मिंदा है समाज

काेरोना संकट सिर्फ शारीरिक बीमारियों का खतरा नहीं बन रहा है,घरों के अंदर इसके खतरे से बचने की कोशिश कर रही महिलाएं और बच्चों को कहीं और भयावह चुनौतयों का सामना करना पड़ रहा है। भारत सहित पूरे विश्व के तमाम देशों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि लॉकडाउन में जब पूरा परिवार 24 घंटे एक ही घर के अंदर कैद है, इस दौरान महिलाएं और बच्चे पुरुषों के हिंसक व्यवहार का शिकार हो रहे हैं। आंकड़े बता रहे हें कई महिलाएं इस हिंसक व्यवहार को बर्दाश्त कर रहे हैं तो कुछ खुलकर शिकायतें भी कर रह है। जानकारों के अनुसार ऐसी सूरत में लॉकडाउन समाप्त होने के बाद लाखों महिलाएं और बच्चे डिप्रेशन तक का शिकार हो सकते हैं। इस बढ़ते ट्रेंड को देखते हुए भारत में महिला आयोग से लेकर यूएन सेक्रेटरी जनरल तक ने इसपर चिंता जतायी है।

अगर भारत की बात करें लॉकडाउन पीरियड में महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामले बढ़े हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग के मुताबिक घरेलू हिंसा की शिकायतें लगभग दुगुनी हो गई हैं। जबकि अभी सिर्फ ऑनलाइन शिकायतें ही आ रही हैं। ऑफलाइन शिकायतें आने पर यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।

राष्ट्रीय महिला आयोग के पास 23 मार्च से 1 अप्रैल तक कुल 257 शिकायतें आईं हैं। जिनमें से 237 शिकायतों पर एक्शन ले लिया गया है। सबसे ज्यादा 90 शिकायतें यूपी से आई हैं। इसके बाद दिल्ली का नंबर है। दिल्ली से घरेलू हिंसा की 37 शिकायतें आई हैं। जबकि लॉकडाउन पीरियड से पहले देखें तो आयोग के पास 2 मार्च से 8 मार्च तक ऑनलाइन कुल 116 शिकायतें आई थी।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा इस ट्रेंड के बारे में कहती है कि कहा कि घर पर बैठे हुए पुरुष तनाव का शिकार हो रहे हैं और कई बार वे अपनी कुंठा महिलाओं पर निकाल रहे हैं। रेखा शर्मा ने महिलाओं से अपील की कि अगर उनके साथ घरेलू हिंसा होती है तो पुलिस से संपर्क करने या राज्य महिला आयोगों तक पहुंचने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि राज्य आयोगों ने भी घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़त देखी है।

23 मार्च से अब तक आयोग के पास जो शिकायतें आई हैं उनमें आंध्र प्रदेश से 4, असम से 1, बिहार से 18, चंडीगढ़ से 3, छत्तीसगढ़ से 2, दिल्ली से 37, गोवा से 2, गुजरात से 3, हरियाणा से 9, हिमाचल प्रदेश से 3, झारखंड से 3, कर्नाटक से 8, केरले से 3, मध्य प्रदेश से 11, महाराष्ट्र से 8, उड़ीसा से 5, पंजाब से 5, राजस्थान से 9, तमिलनाडु से 8, तेलंगाना से 3, यूपी से 90, उत्तराखंड से 3 और वेस्ट बंगाल से 9 शिकायतें हैं।

उधर जानकारों के अनुसार ऐसे समय बच्चों के साथ सकारात्मक माहौल में व्यवहार होना चाहिए। नहीं तो उनके जीवन पर इसका स्थायी निगेटिव असर हो सकता है।

वहीं यूनाइटेड नेशन ने सभी देशों से अपील की कि वे महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए सामने आएं। इनकी ओर से कहा कि काेरोना से बचने के लिए लगे लोगों में 70 फीसदी महिलाएं ही हैं। ऐसे में उनके प्रति समाज की जिम्मेदारी और बढ़नी चाहिए।

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