60 वर्ष से अधिक से टाइप 1 डायबिटीज़ (T1D) के साथ स्वस्थ जीवन जीने वाले बुजुर्गों का सम्मान किया

इंसुलिन आविष्कार के 100 साल पूरे होने के अवसर पर, डायबिटीज़ और इसकी जटिलताओं के उपचार के लिए समर्पित एशिया के सबसे बड़े हेल्थकेयर समूहों में से एक डॉ. मोहन का डायबिटीज़ विशेषता केंद्र ने आज ‘डायबिटीज़ पर विजय पुरस्कार’ के पहले संस्करण की घोषणा की। यह भारत में दिया गया अपनी तरह का पहला पुरस्कार है।

इंसुलिन आविष्कार के 100 साल पूरे होने के अवसर पर, डायबिटीज़ और इसकी जटिलताओं के उपचार के लिए समर्पित एशिया के सबसे बड़े हेल्थकेयर समूहों में से एक डॉ. मोहन का डायबिटीज़ विशेषता केंद्र ने आज ‘डायबिटीज़ पर विजय पुरस्कार’ के पहले संस्करण की घोषणा की। यह भारत में दिया गया अपनी तरह का पहला पुरस्कार है।

यह घोषणा एक वर्चुअल सभा में उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और भारत सरकार के प्रधान मंत्री कार्यालय के राज्य मंत्री, डॉ जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में की गई थी। डॉ. सिंह ने डायबिटीज़ के उपचार और देखभाल करने की दिशा में पिछले तीन दशकों में डॉ. मोहन डायबिटीज़ विशेषता केंद्र द्वारा किए गए अटूट प्रयास की सराहना की।

इस अवसर पर बोलते हुए, डॉ. मोहन का डायबिटीज़ विशेषता केंद्र के संस्थापक अध्यक्ष और सलाहकार डायबिटीज़ विशेषज्ञ डॉ. वी. मोहन ने कहा, “महामारी के बावजूद, 2021 उत्सव मनाने का वर्ष है क्योंकि यह मेडिसिन के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण सफलता – 1921 में टोरंटो विश्वविद्यालय, कनाडा में इंसुलिन का आविष्कार, में एक शताब्दी का प्रतीक है। इस ऐतिहासिक खोज से पहले, टाइप 1 डायबिटीज़ (T1D) वाले बच्चे केवल कुछ महीनों तक जीवित रहते थे। उस समय T1D के साथ 2-3 साल से अधिक जीवन रक्षा लगभग अनसुनी थी। इंसुलिन ने सब कुछ बदल दिया और T1D वाले व्यक्ति कई दशकों तक स्वस्थ रूप से रहने लगे। पश्चिम में, T1D वाले व्यक्तियों के 80-90 वर्षों तक जीवित रहना भी देखा गया है। दुर्भाग्य से, भारत में, T1D व्यक्तियों के दीर्घकालिक जीवन को आज तक प्रलेखित नहीं किया गया है। इसलिए इंसुलिन की खोज के 100 साल के सम्मान में, हमने अपने देश में ऐसे व्यक्तियों की पहचान करने की दिशा में एक शुरुआत करने का फैसला किया है  कि जो लोग 60 से अधिक वर्षों से स्वस्थ रूप से T1D के साथ रह रहे हैं, उन्हें उनके स्वास्थ्य अनुशासन और दृढ़ता के लिए पुरस्कृत किया जा रहा है।”

इस वर्ष श्री के. कृष्णास्वामी, चेन्नई; सुश्री मीना फर्नांडीस, मुंबई; श्री एसआरवी प्रसन्ना, कोयंबटूर; सुश्री उषा धीमान, दिल्ली; श्री राजीव कैकर, दिल्ली; और श्री राकेश, गुड़गांव को 60  से अधिक वर्षों से T1D के साथ स्वस्थ जीवन जीने के लिए डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा ‘डॉ. वी. मोहन डायबिटीज पर विजय मेडल’ से सम्मानित किया गया।

श्री लक्ष्मीनारायण वरिमादुगु, (प्रमाणित डिजिटल एक्सेसिबिलिटी टेस्टर), जो जन्म से नेत्रहीन हैं और जिनमें बाद में किशोरावस्था में T1D विकसित हुआ को ‘टाइप 1 डायबिटीज हीरो पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। वह T1D वाले बच्चों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। डॉ. मोहन का डायबिटीज़ विशेषता केंद्र ने T1D वाले लोगों द्वारा शुरू किए गए कईं T1D संस्थाओं को ‘T1D एंबेसडर अवार्ड’ देकर T1D वाले लोगों को सहायता प्रदान करने में उनकी भूमिका के लिए सम्मानित किया।

डॉ. मोहन का डायबिटीज़ विशेषता केंद्र की प्रबंध निदेशक डॉ आर.एम. अंजन ने कहा, “यह दुखद है कि इंसुलिन की खोज के 100 वर्षों के बाद भी, T1D वाले बच्चे अभी भी अपनी जान गंवा रहे हैं। इंसुलिन को सभी मनुष्यों का मौलिक अधिकार बनाया जाना चाहिए। यदि ऐसा होता है (और मुझे उम्मीद है कि यह जल्द ही होगा), तो यह हमारे लिए 1921 की गर्मियों में हुए युगांतरकारी आविष्कार का उत्सव मनाने का सबसे अच्छा तरीका होगा। और हम अगले वर्ष से और अधिक ‘डायबिटीज़ पर विजय पुरस्कार’ देने की आशा करते हैं।

डॉ. मोहन का डायबिटीज़ विशेषता केंद्र के बारे में

डॉ. मोहन का डायबिटीज़ विशेषता केंद्र एक डायबिटीज़ विशेषता श्रृंखला है जिसे वर्ष 1991 में स्थापित किया गया था और इसका मुख्यालय चेन्नई, तमिलनाडु में है। यह भारत का अग्रणी डायबिटीज़ देखभाल प्रदाता है जो डायबिटीज़ के रोगियों को व्यापक सेवाएं प्रदान करता है। डॉ. मोहन के डायबिटीज़ विशेषता केंद्रों के अब भारत में 50 डायबिटीज़ केंद्र हैं और इन केंद्रों पर डायबिटीज़ के 8 लाख से अधिक रोगियों को पंजीकृत किया गया है।

अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू और रोगी वार्डों से लैस, गोपालपुरम, चेन्नई का अस्पताल गंभीर डायबिटीज़ के मामलों, डायबिटीज़ की आपात स्थिति, पैर और अन्य सर्जरी, मोतियाबिंद के उपचार, रेटिनोपैथी और डायबिटीज़ से संबंधित अन्य आंख की समस्याओं, नॉन-इनवेसिव लैप्रोस्कोपिक सर्जरी, बेरिएट्रिक सर्जरी, फिजियोथेरेपी आदि के प्रबंधन में माहिर है। केंद्र पूर्ण डायबिटीज़ देखभाल, डायबिटीज़ नेत्र देखभाल, डायबिटीज़ पैरों की देखभाल, डायबिटीज़ हृदय देखभाल, निवारक देखभाल, आहार परामर्श सेवा, गृह देखभाल, मोनोजेनिक डायबिटीज़ और प्रिसीज़न डायबिटीज़के प्रकार की आनुवंशिक रूपरेखा करने में माहिर हैं।

उनके पास विशेष डायबिटिक फुटवियर, ब्राउन राइस और अन्य डायबिटीज़ के अनुकूल खाद्य उत्पादों का अपना ब्रांड भी है।

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